Machan Upar Ulgulan (मचान ऊपर उलगुलान) Hindi Paperback Sept. 2021
Original price was: ₹ 200.00.₹ 175.00Current price is: ₹ 175.00.
Books details
| Author | Shanti Bharat |
| Pages | 90 |
| Book Format | Paperback |
| ISBN 13 | 978-93-91143-29-9 |
| Dimensions | 21.7 x 14.5 x 0.4 cm |
| Item weight | 120 gm |
| Langauge | Hindi (Khortha) |
| Publishing Year | 2022 |
| Book Genre | Regional Language |
| Publisher | Bright MP Publisher |
| Seller | Buks Kart “Online Book Store” |
फिंगाठिक अनठेकान रूप आर सिआँड़ी हइ। फिंगाठी में बिचारेक आजादी हइ। साहितेक नाना बिधाक मइधें फिंगाठी सोब ले कठिन, मेंतुक, मन आर मगज के मथेक रकम बिधा लागइ। अइसनो, साहितकार समाजेक एगो सकत प्रतिनिधि हवे, जे गीत, कबिता, कइहनी रकम रचनाक माइधमें समाजेक सुख-दुःख के संसारेक नजीकें आनेक चेस्टा करे। वइसने, फिंगाठिक रूपें समाज, सत्ता, धरम आर राज-नीतिक सँतवल लोकेक बेथा के आगु आनल जाइक। मेंतुक, इतिहास साखी हे जे, राजा सोब फिंगाठी सुनते-सुनते एते थेथराइ गेल हथ जे जनताक हितें आपन भोग-बिलास सहजे छोड़ेले तइयार नखथ। से-ले, उलगुलान चलते रहतइ ।आसा हे, खोरठा साहित संसारें हमार ई किताब के ठाँव दिअल।
Description
About Author
लेखक का बचपन से ही हाई स्कूल से ही हिन्दी और खोरठा में कविता, गीत, कहानी, निबंध, नाटक आदि विधाओं में लेखन का शौक रहा है। बचपन से साहित्य, सामाजिक, सांस्कृतिक क्रिया-कलापों में रूचि रही। साथ ही झारखण्ड आन्दोलन, विस्थापन विरोधी आंदोलन, दहेज विरोधी आंदोलन, वर्ण व्यवस्था विरोधी आंदोलन, भ्रष्टाचार विरोधी आन्दोलनों में प्रखर वक्ता तथा अंधविश्वास मुक्त विज्ञानवादी समाज निर्माण में तत्पर सहयोगकर्ता रहे हैं। इसके साथ ही लेखक के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में हिन्दी और खोरठा में विविध रचनाएँ प्रकाशित आकाशवाणी और दूरदर्शन, राँची से अनेकों बार खोरठा में कार्यक्रमों का प्रसारण किया गया है। बोकारो खोरठा कमिटी और खोरठा साहित्य-संस्कृति परिषद् का संस्थापक सदस्य हैं। कई सामाजिक, साहित्यक, सांस्कृतिक संस्थाओं के सदस्य भी हैं। लेखक क्षेत्र के सर्वधिक पंसदीदा विधा-व्यंग्य लेखन के लिए मशहूर हैं। कवि-सम्मेलनों का लोकप्रिय संचालक भी हैं। सामाजिक-सांस्कृतिक पदयात्राओं में सहभागी एवं मानवीय संवेदना और मूल्यों का पक्षधर। मानववादी विचारधारा का समर्थक। लेखक वर्तमान में हिन्दी और खोरठा में निरंतर लेखन तथा बोकारो स्टील प्लान्ट में कार्यरत हैं।






