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अनंत धारा प्यार की (Anant Dhara Pyaar Ki) Hindi Paperback 2018

 150.00

डाॅ0 शंकी का मानना है कि प्रेम प्रभू की शाश्वतता एवं अनंतता का ही पर्याय है। प्रेम ऐसा भक्ति, शक्ति और पावन धारा का गीत है जो सृष्टि की रचना के वक्त से लेकर आज तक ब्रहमाण्ड में ध्वनि रूप में गुंजायमान है। इस काव्य संग्रह में कवि ने प्रेम की अनंत धाराओं की अभिव्यक्ति को विभिन्न रूपों में ढालने का प्रयास किया है जो प्यार की शुद्धता, पवित्रता एवं पुण्य सलीला की महिमा को उजागर करती है।

Description

लेखक के बारे में

प्रस्तुत पुस्तक के लेखक/कवि/उपन्यासकार डाॅ. कैलाशचन्द शर्मा एक ऐसी शख्शियत हैं जो अपने आप में एक नायब हीरे की तरह है जो तमस की दुनियां में प्रकाशमान है। इसी कड़ी में लगभग दो दर्जन से अधिक पुस्तकों तथा उपन्यास, कहानी, लघुकथा, कविता जैसी विधाओं के रचनाकार डाॅ0 शंकी सहित्य जगत में अपना विशिष्ट स्थान रखते हैं। इनके लेखन में अनुभव की सहजता व व्यापकता का राष्ट्रबोध व राष्ट्रहित सर्वोपरि है। बहुत हर्ष का विषय है कि इनकी रचनाओं ने ‘राष्ट्रीय स्तर’ पर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज करवाई है। हिन्दी विधा के अतिरिक्त इन्होंने अंग्रेजी भाषा में भी कुछ पुस्तकें लिखी हैं और पाठकों के बीच अपनी अपनी पैठ बनाई है। शंकीजी को राष्ट्रीय व राज्य स्तर पर कई पुरस्कार प्राप्त हुऐ हैं। वर्तमान में भी इनका लेखन कार्य जारी है जो समाज को एक नई दिशा दिखाने में कामयाब हुए हैं।

Product details

Paperback : 112 pages
Product forum : Paperback/Softback
ISBN-13 : Unavailable
Item Weight : 150 g
Product Dimensions : 21.5 x 14.0 x 1.0 cm
Publisher : Raveena Prakashan, New Delhi
Language: : Hindi
Seller : Meri Kavita (“My Book Store”, Kalyan MH)

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