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Jyotiba Phule “Jeevan Sanghras evm Darshan Hindi Paperback 2021

Original price was: ₹ 250.00.Current price is: ₹ 200.00.

Book details

  • Author               : Arjun Mohanpuria
  • Paperback         : 100 pages
  • Product forum : Paper Book
  • ISBN-13             : 978-81-950286-2-7
  • Item Weight      : 120 g
  • Dimensions       : 21.7 x 14.5 x 2.5 cm
  • Publisher           : Bright MP Publisher
  • Language:          : Hindi
  • Book Genre       : Biography
  • Seller                  : Buks Kart “Online Book Store”

ज्योतिराव गोविंदराव फुले किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं वह एक ऐसे भारतीय सामाजिक कार्यकर्ता, विचारक, जाति-विरोधी समाज सुधारक और लेखक थे जिन्होंने अस्पृश्यता और जाति व्यवस्था के उन्मूलन और महिलाओं की मुक्ति सहित कई क्षेत्रों में उनके द्वारा अविस्मरणीय कार्य किया गया । उन्हें, ज्यादातर महिलाओं और निचली जाति के लोगों को शिक्षित करने के प्रयासों के लिए जाना जाता है । वे और उनकी पत्नी, सावित्रीबाई फुले भारत में महिला शिक्षा के अग्रणी दूत बनकर उभरे थे । उन्होंने अपने अनुयायियों के साथ, निचली जातियों के लोगों के लिए समान अधिकार प्राप्त करने के लिए सत्यशोधक समाज का गठन किया जिसमें सभी धर्मों और जातियों के लोग इस संघ का हिस्सा बन सकते हैं, जिन्होंने शोषित वर्गों के उत्थान के लिए काम किया । ज्योतिबाराव फुल को उपरोक्त कार्य करने में कितना संघर्ष करना पड़ा, उनको विफल करने के बहुत षड़यंत्र किया गया परन्तु अंत समय तक उन्होने हार नहीं मानी और दबे और शोषित समाज के लिये बहुत कुछ किया जिसकी कहानी कहती यह पुस्तक आपके समक्ष प्रस्तुत है । आशा ह,ै हमारी आने वाली पीढ़ी उनके संघर्ष से बहुत कुछ सीखेगी और समाज में पनप रही उंच-नीच की इस खाई को भरने में सफलता प्राप्त करेगी।

Description

अर्जुन मोहनपुरिया एक लेखक, कवि, सामाजिक चिंतक व समाज सुधारक हैं, शैक्षणिक योग्यता एम.ए. (हिन्दी), बीजेएमसी। अपनी शिक्षा के दौरान गतिविधियों में वह स्काउट गाइड, एनसीसी, कुश्ती, फुटबाॅल व रेस में विशेष रूचि लेकर भाग लेते रहे हैं । अपने गांव से ही सरपंच 2005 से 2010 तक रहे इस दौरान उनके द्वारा कई सामाजिक कार्य किये गये । लेखक, पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष, सरपंच संघ शाहपुरा, जयपुर व वर्तमान में एक सामाजिक संस्था नालन्दा फाउंडेशन, जयपुर (राजस्थान) से जुड़े हुये हैं तथा मानवाधिकारों के लिए सतत् कार्यरत् हैं । लेखक के द्वारा अम्बेडकर जीवन सार पुस्तक लिखी गयी है, अनेक पत्र-पत्रिकाओं में लेख, कविताएं व रचनाओं का प्रकाशन व लेखन, इस पुस्तक के अतिरिक्त आने वाली पुस्तकेंः दुनियाँ के महान नास्तिक लोग, लाइफ एण्ड मिशन कांशीराम, पीर पराई (काव्य संग्रह) प्रमुख हैं ।

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