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Dil Ki Jubaa (दिल की जुबां) Hindi Paperback Nov. 2021

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Books details

AuthorSanjeev Sharma
Pages100
Book FormatPaperback
ISBN 13978-93-91143-31-2
Dimensions21.7 x 14.5 x 0.5 cm
Item weight120 gm
LangaugeHindi 
Publishing Year2022
Book GenrePoetry
PublisherBright MP Publisher
SellerBuks Kart “Online Book Store”

‘‘प्रेम रेगिस्तान की तरह किसी एक जगह ठहर जाने का नाम नहीं है और न ही हवा की तरह पूरी दुनिया में भटकते रहने का। हर चीज को दूरी बनाकर देखना भी प्रेम नहीं है। प्रेम तो वह भावना और ताकत है, जो दुनिया की रुह को भी परिवर्तित करके और निखार कर बढ़िया बना देती है।’’

(अज्ञात)

प्रेम एक ऐसा एहसास है जो दिल और आत्मा में अनुभव होता है। इसलिए इस पर लिखी रचनाएं भी दिल और आत्मा से निकले शब्दों द्वारा ही संभव हो पाती है। दिमाग का उपयोग सिर्फ शब्दों के ज्ञान के लिए होता है परन्तु भाव व भावना सिर्फ दिल से और दिल की गहराइयों से आती है। जितनी दिल की गहराई में आप जाते हैं उतने ही गहरे भाव उत्पन्न होते है और इन भावों को शब्दों में पिरोकर एक करने से रचना बनती है।

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Description

प्रेम एक ऐसा एहसास है जो दिल और आत्मा में अनुभव होता है। इसलिए इस पर लिखी रचनाएं भी दिल और आत्मा से निकले शब्दों द्वारा ही संभव हो पाती है। दिमाग का उपयोग सिर्फ शब्दों के ज्ञान के लिए होता है परन्तु भाव व भावना सिर्फ दिल से और दिल की गहराइयों से आती है। जितनी दिल की गहराई में आप जाते हैं उतने ही गहरे भाव उत्पन्न होते है और इन भावों को शब्दों में पिरोकर एक करने से रचना बनती है।
इसी की कोशिश मैंने अपनी इस काव्य पुस्तक “दिल की जुबां” में की है। मेरे दिल की गहराइयों में जो भाव उत्पन्न हुए उन्हें मैंने शब्दों में पिरोकर एक माला तैयार की, जिसने एक रचना का रूप लिया और इन रचनाओं ने मिलकर काव्य संग्रह का, जिसको मैंने नाम दिया “दिल की जुबां”। – संजीव शर्मा

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