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Khortha Karam Geet Aar Katha March 2024

Original price was: ₹ 150.00.Current price is: ₹ 140.00.

Book Detail

Author/EditorSandeep Kumar Mahato
Pages60
Book FormatPaperback
ISBN 13978-81-19545-30-8
Dimensions21.7 x 14.5 x 0.3 cm
Item weight80 gm
LanguageHindi (Khortha)
Publishing YearMarch, 2024
Book GenrePoetry Khortha
PublisherBright MP Publisher
SellerBuks Kart “Online Book Store”
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Description

बोलीक बादे भासाक जे नियर जनम भेल उटाक ठोउका जवाब दिया टा मोसकिल हइ। वइसे भासा त भासाञ लागे जेकर से लोक आपन भाभ के राखे हे, दोसर लोक ओकरा बुझे हे। मनतुक कोन्हो बोली बा भासाक ओकर लोक गीत, कथा, गाथा, आहना, बुझवल आरो-आरो विधाञ जे परियाक परिया ले चलइत आइ रहल हे। आइझो हामनिक आबगा पहरे देखे आर सुने पाइ रहल हो जे भाशा संसकिरती से ओकर छाप पावा हे। माने जेकर लोक साहित जेतना बोड़ आर पुरान रहे हे तकर सिस्ट साहित तलिआइल ओसार हवे पारे।
वइसे त लोकसाहिते ढ़ेइर विधाञ बा रूपे पावाइल जाहे मनतुक हमरा करम परब सबले बेस बुझा हे, जेकर में बेटी-छउआ परधान हेव ही। छउवे घरी ले भाभना कर हलिये की जे गीत बा कहनी जेटा हामर आजा-आजी सुनावो हला सेटा आइझ बदलइत जमानाञ मेटाइ जाइ रहल हे। कधियो भाभल हलो सेटा आइझ सिस्ट साहिते लाइन के आवे वाला पीढ़ी के देखावेक छोटो मोटो जिगिस्ता करल हों।
ई किताबें करम परबेक गीत आर ओकर कथा के संकलन करल हों, जेकर में डॉ.गजाधर महतो प्रभाकर गुरूजी हमरा परेरना आर डहर देखवला उनखर हाम हिया ले आभार हियेन। संगे हामर बहु आकांक्षा रानीक जेकर सहजोग पइत घरी मिलइत रहल, ओकरो में हामर बेटी स्नेहा रानी करो संग रहल। आर हाम आभार हियेन दादा संजय महतो, शंकर महतो आर भतीजी सुशमा कुमारी जे सब दिन-राइत एक कइर के संकलन में सहजोग करइत रहला।
अंते हाम एहे कहब जे ई किताब खोरठा साहित जगते आर खोरठा भासा भासीक मांझे तनिको काम आवत त आपन मेहनइत के सफल मानब। आर जे भी छुटल छाटल हइ ओकरा हाम दोसर संसकरन में बेस भाभे लइ आनब।

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