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Aab Naa Raha Patael Khortha Paperback Feb 2023

Original price was: ₹ 100.00.Current price is: ₹ 90.00.

Book Detail

AuthorDr. Gajadhar Mahato Prbhakar
Pages70
Book FormatPaperback
ISBN 13978-81-19545-42-1
Dimensions21.7 x 14.5 x 0.3 cm
Item weight100 gm
LanguageHindi (Khortha)
Publishing YearFebruary, 2024
Book GenrePoetry
PublisherBright MP Publisher
SellerBuks Kart “Online Book Store”
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Description

पटाइल कर माने हेवहे लेटल इयानी खाटी´ इया चउकी´ बिना नींदे निंदाइल नीयर रहेक। ई इस्थिति´ कोइ बात के सुइन के अनसूना करल जाहे। कोइ गोहाइर करइत रह हे, हँकाइत रह हे मगुर ऊ अनसुना कइरके गाँइ माइर के हे, इयानि एक नीयर कोर्ही बइन के हे, ओकरा जगावेक भावे ई कविताक नाम हे ‘आब ना रहा पटाइल’। ई कविता ऊ पहर लिखल गेल हे, जखन गुरूजी झारखंडी सबके जगावेक खातिर बिगुल फूँकल रहथ। सोसनेक बिरोधें आवाज उठावल रहथ। उनखरे संघर्ष कर प्रतिफले झारखंड राइज बनल पर नावाँ बिहान कविता लिखल गेल रहे। गुरूजी तीन झीक मुख्यमंत्री बनला। तिसर झीक 2009 में आम चुनावेक बादे जखन कोइ दल के बहुमत ना´ मिलल रहे, चाइर दल मिइलके एगो गठबंधन बनाइके सरकार गठन करल गेल, बहुमत साबित करे खातिर समय देल गेल, तखन भगवान से बिनती करल रही, ऊ भावे ‘कर दे बेड़ा पार’ कविता लिखल गेल रहे।
खोरठा बोली से भासा बनल आर 2011 में झारखंड सरकार द्वितीय राजभासा बनाइ देल, एकर बाद तो एकर महातम ढेइर बइढ़ गेल हे आर साहित विकास खातिर जागेक टा जरूरी हे। ई नीयर ई नाम ‘‘आब ना रहा पटाइल’’ प्रासंगिक हे। ई किताबें आकाशवाणी राँची से प्रसारित हेल खोरठा कविताउ सामिल करल गेल हे। आसा करो ही पढ़वइया सबके ई किताबेक कविता बेस लागत।
ई किताबें 2011 तइक कर कबिता संकलित हे।

 

जनम देवइया मोरताहाइर बाप जगन्नाथ महतो आर माय लाखो देवी आर जिनगीक संगी पानो देवी कर इआइदे सरधाक फूल रूपे समर्पित हे ई खोरठा कविता संगरह।
डाॅ. गजाधर महतो प्रभाकर
9102137774
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