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Baargah-e-Ghazhal- (Hindi-Paperback- May-2024)

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Book Details

AuthorRaj Shukal “Ghazhalraj”
Pages113
Book FormatPaperback
ISBN978-81-19545-12-4
Dimensions21.7 x 14.5 x 0.2 cm
Item weight140 gm
LanguageHindi
Publishing YearMay 2024
Book GenreGhazhal’s
PublisherBMP PUBLISHER
SellerBuks Kart “Online Book Store”

2 in stock

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Description

इस ग़ज़ल संग्रह में संकलित सभी ग़जलें ग़ज़लकार के मन में उठने वाले झंझावातो का एक काव्यमय प्रस्तुतीकरण है । ग़ज़लकार के अंतर्मन के भावों की गहराई को स्वयं में आत्मसात कर के समझते हुए आप यह जानेंगे कि संग्रह में किसी भी प्रकार की कोई कृत्रिमता नहीं है बल्कि ग़ज़लकार ने समाज में जो देखा है, महसूस किया है और सहा है उन्हीं सब घटना चक्रों का एक ग़ज़लीकरण किया गया है ।
ग़ज़लकार ने एक ओर जहाँ मुहब्बत की पवित्रता को सर्वोपरि माना है वहीं दूसरी ओर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को भी सर्वोच्च स्थान दिया है मानवता को जीवन का सफल आधार मानते है आपसी सहयोग प्रेम और भाई चारे के वास्तविक रूप का सटीक वर्णन करने से भी ग़ज़लकार पीछे नहीं हटा है।
और इसके साथ ही एक सामान्य ह्रदय कब ग़ज़ल कहने लगता है इस परिवर्तन का मूल स्रोत भी उसकी ग़ज़लों में स्पष्ट झलकता है ।

राज शुक्ल ग़ज़लराज

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