वीरांगना रानी लक्ष्मी बाई Hindi Paperpack March 2021
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Book details
- Author : Pandit Dev Sharma “Puskar”
- Paperback : 130 pages
- Product forum : Paper Book
- ISBN-13 : 978-81-950286-1-0
- Item Weight : 130 g
- Dimensions : 21.7 x 14.5 x 2.5 cm
- Publisher : Bright MP Publisher
- Language: : Hindi
- Book Genre : देश-भक्ति काव्य
- Seller : Buks Kart “Online Book Store”
वीरांगना झाँसी की रानी लक्ष्मी बाई का नाम शायद ही कोई नहीं जानता हो। रानी लक्ष्मी बाई एक ऐसी महिला थीं जिन्होंने प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में शामिल होकर अंग्रेजों के खिलाफ लड़ी थीं तथा देश के लिए अपना बलिदान दिया था। रानी के अदम्य साहस, शक्ति, बलिदान तथा कर्तव्य परायणता को सम्मान के साथ हमेशा-हमेशा याद किया जाएगा। वह स्त्रियों के लिये आदर्श हैं, एक दिशा है, एक सोच है उन महिलाओं के लिए जिनको यह लगता है कि स्त्रियाँ कमजोर हैं, समाज की बेड़ियों में जकड़ी हैं, कुछ बदलाव नहीं ला सकती हैं। रानी लक्ष्मी बाई ने यह साबित कर दिया था कि महिलाएँ भी पुरूषों से कम नहीं हैं वह सब कुछ कर सकती हैं वह कलम के साथ-साथ तलवार भी उठा सकती हैं। यहाँ पर कवयित्री सुभद्रा कुमारी चैहान की रानी लक्ष्मी बाई पर लेख कविता की पंक्तियाँ प्रासांगिक हैं ‘‘खूब लड़ी मर्दानी वह तो झाँसी वाली रानी थी।’’ लेखक ने प्रस्तुत पुस्तक में वीरांगना रानी लक्ष्मी बाई के जीवन-चरित्र को काव्य रूप में बखूबी संजोया है जो निश्चित तौर पर पाठकों को अवश्य ही पसंद आएगा।
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Description
पुस्तक के लेखक पंडित देव शर्मा ‘‘पुष्कर’’ (जन्म 28 मई 1954, बरगावाँ, उत्तर-प्रदेश) जो संस्कृत साहित्य से परास्नातक तथा पेशे से एक हिन्दी के शिक्षक (पूर्व माध्यमिक स्तर, बेसिक शिक्षा परिषद) होकर ग्रामीण परिवेश से हैं जिनकी अभिरूचि हिन्दी और संस्कृत रही है, जिन्होंने अपनी विशुद्ध हिन्दी भाषा के बल पर कई कविताओं की रचना की है जो पाठकों के हृदय को भाव विभोर कर देती हैं। इन रचनाओं का प्रकाशन कई पत्र-पत्रिकाओं में हो चुका है जिनको पाठकगण की बहुत सराहना मिली है। इस कृति वीरागंना के विशिष्ट सहयोगी रामनारायण मिश्र, बरगावाँ, उ.प्र. हैं।












