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Jiyek Janjal Khortha Novel Paperback January 2026

Original price was: ₹ 250.00.Current price is: ₹ 200.00.

Book Detail

AuthorChitranjan Mahato “Chitra”
Pages118
Book FormatPaperback
ISBN 13978-81-998426-0-1
Dimensions21.7 x 14.5 x 0.5 cm
Item weight150.00 gm
LanguageHindi/Khortha
Publishing YearJanuary 2026
Book GenreNovel
PublisherBright MP Publisher
SellerBuks Kart “Online Book Store”
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Description

जीएक जंजाल (हामीन जीअब कइसे, जाइब कहाँ, खाइब का?) उपनियास कर कथानक काल्पनिक हे। एकर ‘विषय वस्तु’ कर स्रोत समाचार पत्र आदि हे। झारखंडें बढ़इ़त ‘उग्रवादी विचारधारा’ के कइसे कम करल जाय, उग्रवाद के कइसे नियंत्रित करल जाइ पारे, ई एक बिकट सवाल हे देस कर पासे। लेखक श्री चित्तरंजन महतो ‘चित्रा’ जी ई उपनियास कर माइधमें सुधारेक लागिन आपन विचार राखल हथ। ई उपनियास समाज के कतना प्रभावित करे पारत? ई तो समये बतावत। ताउ एतना कहल जाइ पारे कि ई परियास उनखर सराहनीय हे।
उपन्यासकार श्री चित्रा जी 2005 से दृष्टिदोष कर शिकार हथ आर 31 अक्टूबर 2009 कर 11ः00 बजे दिन से पक्षाघात कर आघात से पीड़ित विकलांग हेइ गेल हथ। 80 बरीस कर उमइर पार कइर लेल हथ, ताउ आपन खोरठा भासा कर साहित भंडार के भरे खातिर सतत लागल हथ। आँइख से बेस से देखाइ ना´ ताउ कलम चलवल बिना चैन ना´ बुझ हथ आर ई रचना कइर देला, एहे बड़ बात हे। ई उपनियासें क्षेत्रीय भाषा खोरठाक संग भासन के हिन्दी में लिखल हथ, ई ले कि जहाँ खेरठा बुझे ना´ पारे, हुवाँ ‘राष्ट्रभाषा हिंदी’ कर उपयोग करल हथ।
ई उपनियास मूल रूपे 2021-22 कर लखल लागे। एकर सबूत हे, डायरी रकम तारीख लिखल गेल हे। एकरा टाइप करेक पहर पढ़े में असुबिधा खातिर एक दुसर लड़़का से फेर करावला। ऊ छउवा टाउ खोरठा भासी तो रहे मगुर खोरठा पढुवा नी रहे, तकर चलते कुछ बरतनी में गलती करल रहे। तकर चलते टाइप करे में में भी असुबिधा हेल। एकर प्रुफ देखे लागली तो हमरा ढेइर असुबिधा बुझाइल। फेइर उनखर लिखल मूल कौपी मिलल तो कटि सुबिधा हेल।
लेखक ई किताब कर नाम ‘हामीन जीअब कइसे’ राखल रहथ। ई नाम से उनखर एक कहनी हे, ओकरे बढ़ाइके उपनियास कर रूप देल हथ। ऊ सिरसक कर नाम हाम ‘जीएक जंजाल’ राइख देल ही। ई सिरसक सही हे इया ना´ ई तो पाठक तय करता।
तोहिन कर पतियारी
डॉ. गजाधर महतो प्रभाकर
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