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Guru Vandan (गुरू वंदन) Hindi Paperback June 2021

Original price was: ₹ 200.00.Current price is: ₹ 150.00.

Books details

AuthorSanjeev Sharma
Pages100
Book FormatPaperback
ISBN 13978-93-91143-05-3
Dimensions21.7 x 14.5 x 0.4 cm
Item weight120 gm
LangaugeHindi 
Publishing Year2022
Book GenrePoetry
PublisherBright MP Publisher
SellerBuks Kart “Online Book Store”

‘‘अज्ञान रूपी अंधकार को हटाकर ज्ञान रूपी प्रकाश प्रकट कर दें उन्हें ही गुरू कहा जाता है।’’ ‘‘गुरू के समान कोई दाता नहीं हैं और शिष्य के सदृश्य याचक नहीं। त्रिलोक की सम्पत्ति से भी बढ़कर ज्ञान-दान गुरू ने दिया।’’ ‘‘ज्ञान का अंजन लगाकर शिष्य के अज्ञान, दोष को दूर कर देते हैं। उन गुरूजनों की प्रशंसा है जो जीवों को भव से बचा लेते हैं।’’ यह मन की भावना गुरूदेव के आशीर्वाद से पूरी होकर प्रभु के चरणों में ध्यान कर जीवन को सफल बनाती है। प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप में शिष्य को गुरू का आशीर्वाद हर पल मिलता रहता है। अर्थात् गुरू अपने शिष्यों के अवगुणों को हरकर, सदगुणों रूपी प्रसाद, सदगुणों रूपी चन्द्र, सूर्य के समान उसके अंतर्मन को प्रकाशित कर संसार में उसकी मनोकामनाओं को दीप ज्योति की भाँति फैलाते रहते हैं।

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Description

सदगुरु की महत्ता को सभी जानते हैं। परमतत्त्व ही सद्गुरु के रूप में अवतरित होते हैं। ये करुणा, कृपा व प्रेम की साक्षात मूर्ति होते हैं तथा जीवमात्र के कल्याण के लिये ज्ञान-विज्ञान, भक्ति-योग प्रदान कर सन्मार्ग पर अग्रसित करते हैं। ऐसे राष्ट्रगुरु श्री स्वामी जी महाराज एवं मेरे गुरुदेव डॉ. श्री योगेश जी मिश्रा के सम्मान में भक्तिपूर्ण भाव से कोशिश की गई रचनाओं को श्री गुरु महाराज जी के चरणों में साष्टांग प्रणाम करते हुए उनके चरणों में अर्पित समर्पित करता हूँ, साथ ही जाने-अनजाने में रही इसमें त्रुटियों के लिये मैं क्षमा प्रार्थना करता हूँ। गुरु महाराज सब पर अपना आशीर्वाद सदैव बनाए रखें ये मेरी उनके चरणों में प्रार्थना है।

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